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पानी की कीमत

"रहिमन पानी राखिये , बिन पानी सब सून

  
                                    


पानी गये न ऊबरे मोती ,मानुष, चून। "
जल है तो कल है अक्सर हम ये लाइन सूनते रहते हैं लेकिन उसकी कीमत  केवल जब ही समझ पाते हैं  जब घर में नल न आऐ  हो।
तब पानी का बहुत सोच समझ कर उपयोग करते हैं ।
पानी एक प्राकृतिक संसाधन हैं जो निश्चित मात्र में ही उपलब्ध है लेकिन हमारी बढ़ती जनसंख्या ने इस पर एक प्रश्न सा खड़ा कर दिया है कि आने वाले समय में लोगों को पीने योग्य पानी उपलब्ध होगा कि नहीं। 
समकालीन समय में   कई लोगों के पलायन का कारण केवल पानी है  लेकिन आज हम सब लोग इसकी उपयोगिता को जानते हुए भी इसकी कीमत नहीं समझ पा रहे हैं आज भी हमारे देश के   क ई ऐसे लोग है जो खराब पानी पीने को विवश है। 
हम पानी बचाने के लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाऐ ये हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। 
हमारी धरती जिसने हमें शुध्द जलवायु रहने लायक वातावरण और शुध्द हवा दी उसे आज हम केवल प्रदूषित करते जा रहे हैं ।
हम गर्मी के समय छांव वाला रास्ता पसंद करते हैं हरियाली का मौसम किसे नहीं भाता। लेकिन वही अपने स्वार्थ के लिए पेड़ों को काटते हैं। एक बार ये भी ं नहीं सोचते कि हमें ये किसने अधिकार दिया कि हम इन्हें कांटे  " न जाने कितने विकास के नाम पर पेड़ कांटे दिऐ जाते हैं जिसका प्रयत्क्ष उदाहरण साउथ टी.टी. नगर भोपाल है जहाँ पेड़ो को स्मार्ट सिटी के नाम पर कांटे जा रहे है। 
 अब अगली बार जब हम पानी का दुरूपयोग करे तो ये बिल्कुल याद रखें कि अगली बार हम कब इतना पानी अपनी आँखों से देखे। 
जिस देश में गंगा बहती है हम उसके वासी है ये हमें याद रखना चाहिए साथ ही उसके उपयोग और बचता के बारे में हमें सोचना चाहिए " पैसों की बचत आपके कल को सुरक्षित रखेगी लेकिन पानी की बचत आपके अपनों को सुरक्षित रखेगी। 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..