रानी लक्ष्मी बाई जो झांसी के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर गयी और झांसी के साथ अपनी मातृभूमि को आजाद करने के लिए कई लोगों को जागरूक कर गयी.' द क्वीन आफ झांसी ' मूवी में बहुत से ऐसे दृश्य दिखाई दिए है जो बलिदान की असली परिभाषा का दृश्य दिखाते हैं मातृभूमि के प्रति प्रेम इस मूवी में " है प्यार तो इस देश , ये देश बचना चाहिए, मैं रहूँ या न रहूँ भारत ये रहना चाहिए " गीत सोने पे सुहागा लगता है.
द क्वीन आफ झांसी मूवी में फेमिनिज्म का ऐसा रूप बताया है जिसको देखकर आज के सभी फेमिनिज्म
झूठे दावे से लगाते हैं जिन्हें हम केवल महसूस कर सकते हैं लेकिन झांसी की रानी के नेतृत्व में महिलाओं ने उसे जिया है जिसमें उन्होंने ये साबित किया है कि केवल महिलाओं का काम घर में रहना नहीं बल्कि समय आने पर युद्ध लड़ना भी है.


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