छोटी सी उम्र में


बालिका वधू  सीरियल आप  सब ने देखा होगा  जिसमें आनंदी और जगय्या  की वो मस्ती कौन भूल सकता हैं

उस सीरियल को भले ही  आज बहुत समय हो गया हो किन्तु वो आज भी लोगों की पसंद है.

बलिका  वधू जिसकी थीम ही "बाल विवाह"  थी जिसमें बाल विवाह के कारण होने वाली बुराई को स्पष्ट रूप से बताया गया था. 

 न जाने आज भी आनंदी जैसी कितनी लड़कियों की शादी बचपन में ही कर  दी जाती है.

बाल विवाह के दुष्परिणाम

१. कम उम्र में शादी के कारण लड़कियां कच्ची उम्र में  ही माँ  बन जाती है जिसका प्रभाव उनके बच्चे पर स्पष्ट दिखाई देता है वो बच्चा पैदा  होने के कुछ समय पश्चात ही मर जाता है या तो वो कुपोषित हो जाता है.

आज समकालीन समय में बाल विवाह हम सब के सामने के चुनौती बनकर खड़ा है 

** अब और  नहीं बने बालिका वधू

लड़का 21 साल

और लड़की 18 साल में बने वर वधू **.

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