" जिस देश में गंगा बहती है होठो पे संचाई रहतीं है हम उस देश के वासी,
आज विश्व जल दिवस है जो किस लिए मनाया जाता है आप सब इसे अवगत होगे लेकिन पानी के बारे में मालूम होने से ही अगर सब कुछ हो जाता तो हम और आप आज गर्मियों के समय के लिए पानी और लाईट की चिंता नहीं कर रहे होते.
गर्मी के समय हमारी आवश्यकता सबसे ज्यादा पानी की होती है एक दिन नल न आने पर हमारी हालात बिना पानी मछली के जैसी हो जाती है आप सब ने बचपन में वो कविता तो सुनी होगी
" मछली जल की रानी है जीवन उसका पानी है
हाथ लगाओ तो डरा जाऐगी बाहर निकालो तो मारा जाऐगी"
आज ये कविता हम पर पूर्ण रूप से लागू होती है हम खाने के बिना तो कुछ समय के लिए जीवित रह सकते हैं पर शायद पानी के बिना कुछ समय अधिक नहीं.
आप सब ने गर्मी के समय इसकी सबसे ज्यादा जरूरत महसूस की होगी जब आप कड़ी धूप में जाते हैं तो रास्ते से ही ये लगाने लगाता है कि मंजिल आते ही ठंडा पानी मिला जाऐ जिसे अपनी प्यास बुझाई जाऐ
पानी की आवश्यकता को हम इसे भी समझ सकते हैं कि छोटे बच्चे जो एक से दो साल के होते हैं वो भी पानी की कीमत को समझते हैं सबसे पहले माँ तो उसके बाद " मम" ही बोलते है और प्यास लगाने पर कोई बार आपको ये बताते हैं। कि प्यास लगी है.
आने वाले समय में हमारी जनसंख्या दोगुनी हो जाऐगी लेकिन पानी के संसाधन सीमित होगे .
क ई आकड़े चौकन्ने वाले आऐ हैं जिसमें सबसे बड़ा रेगिस्तान थार (राजस्थान) जिसका क्षेत्र लगातार बढ़ ता जा रहा है

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