सोच ने की जरूरत है

त्यौहार जहाँ एक ओर हमें अपनों से जुड़ते हैं तो वहीं दूसरी ओर परायों को अपना बनाते हैं जरूरी नहीं अच्छी दोस्ती के लिए बहुत ज्यादा ज्ञान हो दोस्ती में बस एक दूसरे को समझ ने की जरूरत है।
कुछ लोग ऐसे होते हैं जो हमारे कुछ न कहने पर भी सब कुछ समझ जाते हैं तो कुछ लोग होते हैं जिन्हें बार बार कहने पर भी वो नहीं समझते।
आज के समय में ज्यादा रिश्ते टूटने की वजह भी कहीं न कहीं एक दूसरे को न समझना है।

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