अनुसार माता लक्ष्मी को एक निम्न जाति के घर जाने पर उनके पति जगतनाथ और बड़े भाई के द्वारा घर से निकाल दिया जाता है जिसके कारण लक्ष्मी जगतनाथ और उनके भाई को श्राप देती है कि 12 वर्ष तक तुम दोनों को खाना क्या पानी की एक बूंद भी नसीब नहीं होगी और 12 वर्ष के पश्चात तुम्हें एक निम्न जाति की महिला ही भोजन कराएगी.
श्राप के जैसे ही सबकुछ होता है और फिर क्योंकि ये प्रभु जगतनाथ की लीला रहती है जिसे सभी निम्न जाति के लोगों को समाज में समानता का अधिकार मिले और वो पूजा कर सके.
"समकालीन समय में इस मूवी के माध्यम से एक नया सत्य हम सब के सामने प्रकट होता है कि दुनिया में जितने भी लोग जन्में वे सब समान है उनमें कोई बड़ा या छोटा नहीं है".


Comments