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कोरोना वायरस

कोरोना वायरस

कोरोना वायरस उस परिवार का हिस्सा है जो सामान्य जुकाम से लेकर सांस संबंधी गंभीर बीमारियों की वजह बनता है इस परिवार का सबसे नया सदस्य नोवेल कोरोना वायरस (ncov) है, जो आज से पहले कभी भी इंसानों में नहीं पाया गया था इस वायरस से संक्रमित होने पर बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई देते हैं संक्रमित होने पर न्यूमोनिया गंभीर सांस की बीमारियां, किडनी फेल होने और यहां तक की मौत भी हो सकती है।

कोरोना वायरस से बचने के लिए क्या करे और क्या न करें। 

क्या करे
. खुद को साफ - स्वच्छ रखें। 
. साबुन से अपने हाथ साफ करे। 
. सामान्य शिष्टाचार का पालन करें। जैसे खांसने या छींकते समय अपने मुंह -नाक को ढंक कर रखे। 
. अगर खांसी या सर्दी जैसी समस्या है तो मास्क पहनें। 
क्या न करें
. अगर बीमार है तो यात्रा न करें। 
. बीमार या खांसी  जुकाम जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के नजदीकी संपर्क से बचे। 
. अगर बेहद जरुरी ं नहीं तो चीन की यात्रा पर न जाए ं।
. पब्लिक के संपर्क में आने वाली जगहों को न छुएं।
(सोर्स : विश्व स्वास्थ्य संगठन, सेंटर फॉर डिजीज  नियत्रंण एंड प्रिवेंशन, हेल्थ एडवाइजरी) 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..