कभी किसी को


कभी किसी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि हमें नहीं मालूम कि फिर वो हमें कब मिलेगा भी यहाँ नहीं?

क्योंकि 

 ये दुनिया भले ही इतनी बड़ी है लेकिन फिर भी हम कई बार अपनों

 से नहीं मिल पाते और जब मिलते हैं अक्सर वो व्यक्ति एक फोटो में माला चढ़े दिखाई देता है और चाहकर भी हम

केवल पछतावा

ही कर पाते हैं कि क्यों उस दिन जब वो मिला तो उसे बात नहीं कि उसे गले से नहीं लगाया उसके मिलने की खुशी तक जाहिर नहीं की . 

'कि वक्त ने जो वक्त दिया उसे मिलने को हम क्यों न वक्त दिया'.

***** जिंदगी मिलती तो एक है लेकिन इसमें हम कई तरह की जिंदगी को जी लेते हैं

कभी किसी का दोस्त बनकर, कभी किसी बेटा या बेटी बनकर, कभी किसी क्लास का ऐसा बच्चा बनकर जिसे किसी भी हालात में अपनी बात सबसे कहनी फिर चाहे लोग कुछ भी कहे.****

वैसे भी किसी ने बहुत सही कहा है कि मृत्यु का कोई समय नहीं

"Death keeps no calendar".

" आज से लोगों नजर अंदाज करना कम कीजिए और उनसे बात कारिए भले  वो आपके दादी दादा हो या पड़ोस की वो बूढ़ी  आंटी ही क्यों नहीं जिनका ट़ोकना आपको  पसंद  नहीं ".


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