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कहने को तो बहुत कुछ है



हमेशा  कुछ लोग ये सोचकर  चलते हैं कि अभी तो बहुत समय है आगे कुछ सीख लेगे और ऐसे कहते -कहते ही उनका समय  निकल जाता है.

इस विषय पर बात करते हुए मुझें मेरे मित्र की कही एक बात याद गयी  जो आज के संदर्भ में बिल्कुल सटीक  बैठती  है कि इंसान जितना सोचता है उसे कम ही करता है क्योंकि वो जितना सोचने में समय लेता है उतना किसी काम को करने में नहीं. 

 दुनिया में आज हर किसी की आंखों में एक बड़ा  सपना तो है लेकिन  अभी तक उसे पूरा करने के लिए उसने कोई  ठोस कदम नहीं उठाया है जिस कारण वो आज भी उसी स्थान पर खड़ा हुआ  है 'जिस स्थान पर वो पहले था'.

 कोटा में बैठे कुछ स्टूडेंट को देखकर लगता है कि इनकी जिंदगी का लक्ष्य  शीशे की तरह साफ है.

जिनके काम को देख-

" जाग तुझको दूर जाना है "

 कि कविता याद आ जाती है .

कहने को तो बहुत कुछ है लेकिन अब इन तमाम सवालों के उत्तर हम सब  को स्वयं खोजने होगें.



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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..