आज फिर कोई



आज फिर किसी के साथ न्याय हुआ है

  'पढ़ती थी जो ज्ञान की बातें, 
      उसके साथ बदसलूकी सा काम हुआ है। 


प्यार का मतलब किस ने कहा  वो मेरी न हुयी तो किसी की न हो। और उसका काम ही तमाम कर दिया जाऐ  ? 

जहाँ एक और 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' की योजना चल रही है वहीं दूसरी ओर उसको उस चीज की सजा दी जा रही है जिसमें उसकी  गलती ही नहीं है। मैं नहीं कहती कि लड़की की पूजा की जाऐ लेकिन उनके साथ जानवरों सा सलूक किया जाना तो गलत है कभी देश की दिल्ली तो कभी हैदराबाद और अब महाराष्ट्र अखिर कब तक उसे  दूसरों की वासना का शिकार बनाया जाऐगा? 
       

         दिखावे की जिंदगी से डर लगता

           " जहाँ कोई पागल प्यार न मिलने पर
             अपनी प्रेमिका का ही कत्ल करता। "
                 

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