विश्व जनसंख्या दिवस

आज  हम सब के सामने जनसंख्या वृद्धि एक चुनौती  है  अगर समय रहते इसे कम न किया गया तो व़ो दिन दूर नहीं  जब  हमें खाने ,पीने  जैसी मूलभूत आवश्यक्ताओं के लिए संघर्ष करना पड़ेगा.

अर्थशास्त्र की दृष्टि से देखें तो

Demography (जनसांख्यिकी) तीन अवस्था में होती है-

१. प्रथम अवस्था  -जिसमें  जन्म दर

और मृत्यु दर दोनों उच्च स्तर पर होती है जिसमें जनसंख्या समान स्तर पर होती है.

२. दूसरी अवस्था- जिसमें  मृत्यु न के बराबर होती है  किन्तु जन्म दर अधिक होती  है जिसके कारण जनसंख्या तेजी से बढ़ती है.भारत आज दूसरी अवस्था से जूझ रहा है.

३. तीसरी अवस्था- जन्म दर और मृत्यु दर दोनों ही कम  होती  है वहाँ जनसंख्या धीमी गति से बढ़तीं है.

जनसंख्या वृद्धि के कारण

१. सामजिक कारण - बेटे की चाह में अधिक बच्चों का होना.

२. आर्थिक कारण - खेती में अधिक लोगों की आवश्यकता होती है.

3 अंधविश्वास- बच्चे भगवान की देन है

4 भौगोलिक कारण- भारत की जलवायु  अन्य देशों की तुलना में गर्म है जिसके  कारण लड़कियां जल्दी  परिपक्व होती है . 

जनसंख्या वृद्धि के प्रभाव

१. पर्यावरण को नुकसान पहुंचना.

२ बेरोजगारी का होना.

३.महिला स्वास्थ्य पर बुरा असर होना .

४. गरीबी  बढ़ना

आवश्यक प्रयास

'लड़कियों को  शिक्षित करना '

लड़कियां अगर

शिक्षित होगी तो वो जनसंख्या वृद्धि के कारण दुष्परिणाम को समझ पाएंगी और परिवार नियोजन में अपना योगदान देगी.

हम सब का कर्तव्य 

हम दो हमारे दो नहीं बल्कि आज हमें हम दो हमारे एक की ओर बढ़ना होगा.

'तभी  बढ़ेगा इंडिया'

"आज  वर्तमान समय में हमारे प्राकृतिक और अप्राकृतिक संसाधनों में कोई कमी नहीं  है  बल्कि हमारी संख्या ज्यादा है जिस कारण हमें गरीबी,बेरोजगारी ,भूखमरी से जूझना पड़ रहा है".

विचार करना होगा अब  नहीं तो कब करेंगे? 

जब हो जाएंगे  भीड़  तब हम क्या करेगें?

अपने लिए नहीं तो आने वाली पीढ़ी के लिए

*अब हम  जनसंख्या वृद्धि  कम करने का  विचार करेंगे.*




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