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आज फिर क्यों


अक्सर लोग अपने काम तो याद रखते हैं लेकिन वो उसके लिए की गई मेहनत को याद रखना भूल सा जाते हैं जिस कारण कई बार उन्हें परेशानी होती है अभिताभ बच्चन  एक फिल्म के  संवाद में कहते हैं कि "इंसान को अपनी औकात  कभी नहीं भूलनी चाहिए " यहाँ पर उनका अर्थ इसे जो भी किन्तु आज के संदर्भ में इसका अर्थ अपने किए गए परिश्रम  से है 

हमारी जिंदगी में दो तरह के बदलाव आते हैं एक वो जो समय के साथ आते है दूसरे वो जिन्हें हमें जरूरी तौर पर लाना होता है.

एक अच्छी शुरुआत के लिए बदलाव जरूरी माना  जाता है किन्तु वो बदलाव सकरात्मक हो तब ही उसमें  श्रेष्ठता होती है

आज हम अपने किसी  नए काम को करने के लिए स्वयं को ये झूठी दिलासा दे रहे हैं कि समय के साथ हम सब कुछ सीख लेगें जबकि इसकी सच्चाई ये है कि जब तक हम स्वयं से ये न समझ लेगें कि हम इस काम में कच्चे हैं  तब तक हम अपना श्रेष्ठ नहीं दे पाएगें .

आज  फिर क्यों?

हम किसी बेहतर काम को करने के लिए खुद से जी चुरा रहे हैं . 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..