स्वामी विवेकानंद के विचार

१. बल पुण्य है और कमजोरी पाप है। २. किसी भी देश की प्रगति के लिये महिला का सशक्त होना जरूरी है। ३. किसी भी देश के विकास के लिये युवाओ का योगदान आवश्यक है । पढ़ाई केवल वो नहीं जिसे हम किताब से पढ़ते है उसका असली मतलब हमारी व्यावहरिक जानकारी और समझ है। ४. जीवन का उद्देश्य अपने जीवन को सार्थक बनना है। ५. हमेशा कुछ सीखने के लिये तत्पर रहो। 'उठो जागो और तब तक संघर्ष करो जब तक मंजिल न मिल जाऐं। '

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