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मरना हमारे बस में नहीं पर जीना हमारे बस में हैं. दिल बेचारा


दिल बेचारा मूवी मुख्य रूप से जीने का तारीक बताती है  और साथ ही सीखाती है कि सबकी

  जिंदगी में मुश्किलें होती है किसी की थोड़ी त़ो किसी की ज्यादा होती है किन्तु उसमें भी कुछ लोग होते हैं जो तब भी हंस रहे होते हैं.

हमारे चारों तरफ जब हम दूसरे को देखते हैं तो हमें  लगता है कि हमारे ही जीवन में ही परेशानी है लेकिन जब हम अपने सामने वाले की परेशानी को जानते हैं तब हमें मालूम चलता है कि असली परेशानी आखिर किस के पास है.

इस मूवी में  आनंद  फिल्म का वो  डायलॉग बिल्कुल सूट करता है कि 'जिदंगी बड़ी होनी चाहिए लंबी नहीं'.

आज भले ही सुशांत सिंह राजपूत हमारे बीच में नहीं है लेकिन  उसके संघर्ष के चर्चे हम सब के बीच है मैं ये नहीं कहती कि संघर्ष केवल मध्यम वर्ग  ही करते हैं किन्तु ये सच्चाई भी हमें नहीं भूलनी चाहिए कि आज भी हमारे देश में बहुत से ऐसे लोग है जिनका "संघर्ष शून्य से  शिखर" तक का रहा है

** दोस्तों मरना सबको एक दिन है अंतर  केवल इतना है कि कोई पहले जायगा तो कोई बाद में किन्तु उसमें वो ऐसा क्या करके जाता है   जो उसे दूसरे से  अलग बनाता है  फर्क केवल इसे पड़ता है**.

आज के समय में जीवन की परिभाषा भले ही बदल गयी हो

लेकिन उसमें संघर्ष वहीं है .




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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..