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आज आवश्यकता है


अक्सर जब हमें एक दम से कोई काम करने के लिए आ जाएं और उसकी भी शर्त हो कि उसे समय पर पूरा करना है.

ऐसे समय में हमारे धैर्य की परीक्षा होती है और अक्सर लोग ऐसी दौड़ में खुद   को रखने से पहले ही हार स्वीकार लेते है और उसे नहीं करते दूसरे वो लोग होते हैं जो इस चीज को लेकर हां कर देते हैं कि कुछ नहीं तो समय के साथ अपने काम की क्षमता का तो पता चलेगा.

दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं एक जो बहुत आशावादी होते हैं और दूसरे जो यथार्थवादी होते हैं वो हर चीज के लिए  सपना नही देखते बल्कि वो चीजें जैसी है उसे वैसे ही करने को सोचते हैं हर परिस्थितियों में वो काम करते हैं

समकालीन समय में हमें आशावादी से ज्यादा यथार्थवादी होना होगा क्यों कि अब समय कल्पनाओं का नहीं बल्कि वास्तविक रूप से जीवन जीने का है.



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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..