सत्यम शिवम् सुंदरम्
इस फिल्म का क्या कहना जिसने समाज और लोगो की मानसिकता को एक अलग ही रूप में दिखया। इस फिल्म में रूपा नाम की लड़की है जिसका आंघा चेहरा जला हुआ है । लोगो उसे 'अभाग्न' कहते है।
रूपा की जिंदगी नरक सी है जहां उसके पिता उसके लिये शादी का रिश्ता ढूढ़ रहे होते है ।
पूरे गांव में लोग उसे पसंद नहीं करते और उसका अपमान करते है।
उसकी शादी उसी से होती है जिसे वो बेपनाह प्यार करती है लेकिन दुभाग़्य की बात ये होती है कि वो उसे स्वीकार नहीं करता है और कहता है कि तुम मेरी रूपा नहीं हो। केवल इस कारण कि उसने रूपा के पूरे चेहरे को नहीं देखा ।
इस फिल्म में एक ऐसे प्रश्न को उठ़ाया है जिसे हम अक्सर देखते है कि लड़की गौरी है कि काली है उसकी लम्बाई कितनी है ।
जबकि इसके विपरीत लड़के को देखने में कोई ऐसी बात नहीं होती ।
अत: में रूपा को उसका पति स्वीकार कर लेता है और कहता है कि मुझें से भूल हो गई तुम ही मेरी रूपा हो।
" इस फिल्म को देखते समय लोगो की अलग सोच और अलग बाते होगी लेकिन एक बात सामान्य है कि इसमें रूपा की क्या गलती थी जिस कारण रूपा को अपने पति की ये सारी बाते सुनी पड़ी । और इतना जलील होना पड़ा।
आज हमारे समाज में कई रूपा जैसी लड़किया है जिनको अपने रंग ,रूप के कारण कई बाते सुनी और सहनी पड़ती है।
Comments