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वास्तविकता



"धरती से देखा तो आसमान अच्छा लगता है ,आसमान से देखा तो धरती अच्छी लगती है अपने से बाहर हर कुछ अच्छा लगता है ।"
हम कई बार दूसरो की जिंदगी देखा कर अपनी जिंदगी को बहुत बुरा मानने लगाते  है और दूसरो की जिंदगी को स्वयं से बेहतर समझने लगते है जबकि
वास्तविकता कुछ अलग होती है वो मुहावरा तो सुना ही होगा कि" दूर के ढोल सोहाने लगते" है ।
हम हमेशा दूसरो की जिंदगी को देखा कर ये सोचने लगते है  कि उसकी जिंदगी में कितनी खुशी है।
दोस्तो इस धरती पर सभी व्यक्ति किसी न किसी परेशानी से जूझ रहे है फर्क सिर्फ इतना है कि वो उसे अपनी जिंदगी में झलकने नहीं देते ।

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..