पतंग की तरह उड़ सके
आसमान में, हर मंजिल मिले
इस संसार में
पा सके कुछ ऐसा जो बेहतर
हो इस दूनिया में
तुझें मिले इस साल
बहुत प्यार और दूलार
दुआ करू कि
इस मकरसंक्राति
सबकी जिंदगी में लाऐ
बहार।
कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है। आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो।
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