एक योध्दा का असली रूप दिखाती है तानाजी

"तु क्या मिटाएगा भगवे को जिसका ऐलान खुद भगवान करता है सुबह सूरज उगने से पहले और सूरज ढलने के बाद" तानाजी (अजय देवगन ) ने इस पक्ति में वो सत्य बताया है जिसको सिध्द स्वयं आसमान करता है तानाजी मूवी ये डायलॉग सबसे दमदार है उदयभान सिंह का किरादर निभा रहे सैफ अली खान ने इसमें बहुत अच्छी एकटिंग के साथ ही जोरदार नीति अपनायी है जिसका उतर तानाजी ने दिया. इसमें कहानी के साथ- साथ इसकी लाईटिग,एडिटिग और गफ्किस भी काफी अच्छे है.'जो सोने पर सुहागा है'. ये मूवी में दर्ळको को बांधने में पूरी तरह से सज है . काजोल ने तानाजी की पत्नी की भूमिका निभाई है जो अपने बेेटे के विवाह की तैयारी में व्यस्त है तभी उदयभान के दूवारा कोंडाणा पर हमला करने की ओर बढ चलता है महाराणा प्रताप का किरादर निभा रहे शिवजी(शरद केलकर ) अपने सूबेदार तानाजी मालसुर को ये नही बताते जब तानाजी को ये मालूम चलता है तो वो कहता है कि पहले कोंडणा को हासिल किया जाऐगा फिर मेरे बेटे का विवाह होगा. तानाजी का अपनी मातृभूमि के प्रति प्रेम दिखता है अक्सर बडे युद्ध केवल उसका राजा ही हीरो बनता है पर इस मूवी में शिवजी के साथ उनके सूबेदार तानाजी की भूमिका को भी दिखया है.

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