हिन्दू धर्म जो दूसरे धर्म के प्रति सम्मान रखता है और किसी भी धर्म को अपनाने उसका पालन करने की छूट देता है ।
हिन्दू धर्म बाकी धर्मो से अलग है क्योंकि वो केवल अपने धर्म को ही नहीं बल्कि सभी धर्मो के प्रति आस्था प्रकट करता है ।
बाकी धर्म से इसलिये वो अलग है क्योंकि वो अपने अंदर दूसरे धर्म को भी समहित कर लेता है।
हिन्दू धर्म में ३३ करोड़ देवी देवता है।
गणेश
"गणेश जो कि अपने भक्तो के सभी विध्न बाधाओ को दूर कर देते है ।"
नारी की शक्ति को दिखती है देवियां
पौरणिक कथोओ के अनुसार जब महिषासुर दानव का वंध करना था जब इंद्र देव ने कई तरह के पूजन किये थे और शक्तियों को एकत्रित किया था जिसे दुर्गा माता का जन्न हुआ।
दुर्गा माता और महिषासुर का नौ दिन तक युध्द चला और फिर महिषासुर का वंध दुर्गो मां ने किया जब से 'नवारंत्र' मानना प्रारंभ हुआ।
दार्शानिक रेमन पणिक्कर ने हिन्दू चिन्तन के बारे में कहा है 'मनुष्य के बिना ईश्वर कुछ भी नहीं है सचमुच कुछ भी नहीं है ईश्वर के बिना मनुष्य मात्र एक 'वस्तु' है एक अर्थ हीन और उदेश्य हीन वस्तु।
मनुष्य और ईश्वर के बिना सृष्टि सिर्फ कुछ (एनीथिग) है एक अस्तित्वहीन अराजकता। संंदर्भ मेरे हिन्दू होने का अर्थ ( शशि थरूर)।
विष्णु के दस अवतार थे जिसमें मत्सय (मछली),कूर्म ( कछुआ),वराह (जंगली सूअर ) नरसिम्हा (आधा मनुष्य आधा शेर) ,वामन (बौना) और परशुराम (फरसाधारी) से लेकर आदर्श नायको में राम और कृष्ण तक ,और फिर बुध्द है।
कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है। आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो।
Comments