आज मैने नेहरू के दूवारा लिखित इन्दिरा गांधी को लिखेे लेटर को पढ़ा जिसे पढ़कर मैने नेहरू के बारे कुछ और नयी चीजे जानी।
वे इन्दिरा गाँधी को इसके जरिये देश- विदेश की घटनाओ को बताते थे उसी के साथ उन्हें जीवन में आगे क्या करना है ?इसके लिये उन्हें प्रेरित करते थे।
मैने इन लेटर को पढ़ते समय कई बातों जीवन में लागू करना है ।इनकी जरूरत समझी नेहरू इन्दिरा से कहते है कि तुम्हारी मां की तबीयत खराब है और उसमें कोई भी सुधार नहीं हो रहा है जिस कारण से मैं कही -कही कमजोर भी पड़ जाता हूँ किन्तु जीवन का असली मतलब ही कड़ी परिस्थितियो का सामना करने और स्वयं को एक नयी राह की ओर ले जाने वाला होना चाहिये। जिस कारण आज मैं अपने कार्य को कर रह हूँ।
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