दूसरे मौके की जरूरत ढूंढती

पंगा मूवी

जब बात खेल  की आती है तो सब का ध्यान केवल पुरूष खेल की ओर ही जाता है लेकिन आज महिलाएं भी खेल के क्षेत्र में आ रही है जो अपनी सफलता से ये बता रही है कि खेल महिला पुरुष नहीं केवल खेल के लिए जुनून देखता है.

ऐसी ही महिला के संघर्ष को दिखाती हुई पंगा मूवी है जो कि एक ऐसी कहानी हम सब के सामने रखती है जिसे हम क ई बार अपने  सामने देखते हुए भी नजर अंदाज कर देते हैं कि शादी के बाद महिला एक अच्छी खिलाड़ी नहीं हो सकती है आज भी जब लोग ऐसा  सोचते हैं तब पंगा जैसी मूवी इस सोच को पूरी तरह से झूठ साबित करती  है.

***आज समकालीन समय में महिला खेल की जब भी बात करे तो मैरी कॉम, पी वी 

 सिन्धु जैसी महिला खिलाड़ी खेल में अपनी प्रस्तुती दर्जा करके स्पष्ट तौर पर ये बताती है

" अगर चाहों तो सब कुछ सम्भव है"

आवश्यकता इस बात कि है कि वो स्वयं को कमजोर  न समझें.***

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