दिन जाते देर नहीं लगती कुछ दिन साल के बीत जाने के बाद समय हमारे हाथ से ऐसे निकलता है कि इसके बारे में हमें भी मालूम नहीं चलता।
आने वाले साल के लिये आपकी कुछ योजना तो होनी ही चाहिये जिसे पूरे करने के लिये आप सोचे।
इस धरती पर जन्मे सभी व्यक्ति को २४ घंटे ही मिलते है लेकिन उस २४ घंटे में कोई बहुत कुछ कर लेता है तो कोई समय को ही गिनता रहता है।
वे लोग जो कहते है कि उनके पास समय नहीं उन लोगो को अपना आत्मविशलेषण करना चाहिये कि असल में अखिर वो किस चीज में इतने व्यस्त है जिसके कारण वो अपने बाकी सारे काम नहीं कर पा रहे है।
दोस्तों वैश्वीकरण के इस दौर ने जहां हमें दूसरी जानकारी प्रात्त करने में ज्यादा समय नहीं लगता तो वहीं खुद के बारे में सोचने का समय आज हमेसे छिन सा गया है।
ऩया साल लगाने से पहले अपने बारे में दस मिनट सोचिये जो आप कर रहे क्या उसे ज्यादा करने वाले थे।
एक नऐ जोश के साथ इस नये साल में अपने कदम रखिऐं ।

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