तेरी खामोशी भी कितनी
तूफान सी लगती है
हर घड़ी तेरी आहट भी
बेजान सी लगती है
बारिश तो केवल बरसात में
होती है
लेकिन रात
मानों पूर्णिमा के चांद सी
लगती है।
तूफान सी लगती है
हर घड़ी तेरी आहट भी
बेजान सी लगती है
बारिश तो केवल बरसात में
होती है
लेकिन रात
मानों पूर्णिमा के चांद सी
लगती है।
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