ये जिंदगी भी कितनी अजीब है
कभी भागते है उस चीज के लिये
तो कभी पीछा उसे हम छूटाते है
तो कभी हँसकर अपना मन बहलाते है।
ये जिंदगी भी कितनी अजीब है
कभी किसी के पास आते है
तो कभी किसी से दूर जाते है।
कभी कोशिश करते है किसी को पाने की
तो कभी उसे ही अपना पीछा छूटाते है।
कभी किसी का सिर पकाते है
तो कभी किसी को हँसते और रूलाते है
यार लेकिन जिंदगी के कुछ पल यकीनन
बहुत याद आते है।
कभी किसी के दुख हम भी रो जाते है
कितनी अजीब है न जिंदगी
कभी किसी के आने का जशन मानते है
तो कभी किसी के दूर
जाने का गम मानते है।
कभी भागते है उस चीज के लिये
तो कभी पीछा उसे हम छूटाते है
तो कभी हँसकर अपना मन बहलाते है।
ये जिंदगी भी कितनी अजीब है
कभी किसी के पास आते है
तो कभी किसी से दूर जाते है।
कभी कोशिश करते है किसी को पाने की
तो कभी उसे ही अपना पीछा छूटाते है।
कभी किसी का सिर पकाते है
तो कभी किसी को हँसते और रूलाते है
यार लेकिन जिंदगी के कुछ पल यकीनन
बहुत याद आते है।
कभी किसी के दुख हम भी रो जाते है
कितनी अजीब है न जिंदगी
कभी किसी के आने का जशन मानते है
तो कभी किसी के दूर
जाने का गम मानते है।
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