सोच लो थोड़ा तुम

क्यों कर रहे हो अत्याचार
इस तरह का तुम
सोच लो कि वो किसी की मां
बहन है।
क्या सोच रहेे हो तुम कि वो तुमसे
कमजोर है ।
कमजोर वो नहीं
 कमजोर तुम्हारी मानसिकता है।
जिस दिन जाग उठेगी  नारी
न बचेगी ये कातिल दुनियादारी
सोचो तुम कि  ये
क्या है? तुम्हारी समझदारी  ।


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