- हर बुरे अनुभव से हम कुछ सीख सकते हैं।
- हमेशा अपनी तरीफ करने वालो को शुकिया कहे लेकिन आपकी आलोचना करने वाले को भी नजरअंदाज न करे क्योंकि आलोचना से ही व्यक्ति और उसके नजरिये का विकास होता है।
- वे लोग जो आपकी निंदा करते है उनका भी सम्मान कीजिऐ ,निंदक नीयरे रखिये आंगन कुटी छाबऐं।
- कभी कम बोलना भी आपके लिये अच्छा होता हैं।
- हर समय चुनौती का सम्मान करने के लिये तैयार रहे।
कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है। आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो।

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