- हर बुरे अनुभव से हम कुछ सीख सकते हैं।
- हमेशा अपनी तरीफ करने वालो को शुकिया कहे लेकिन आपकी आलोचना करने वाले को भी नजरअंदाज न करे क्योंकि आलोचना से ही व्यक्ति और उसके नजरिये का विकास होता है।
- वे लोग जो आपकी निंदा करते है उनका भी सम्मान कीजिऐ ,निंदक नीयरे रखिये आंगन कुटी छाबऐं।
- कभी कम बोलना भी आपके लिये अच्छा होता हैं।
- हर समय चुनौती का सम्मान करने के लिये तैयार रहे।

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