सत्य की जगह पर असत्य न होता
हर जगह केवल भाई -बंधु होता
आज होते गांधी तो देश में ये न होता ।
हो रही भष्टाचारी
लुटते जा रहे है व्यापारी,
बढ़ रही है देश में कालाबाजारी।
देश में धर्म के नाम पर अधर्म न होता
आज होता गांधी तो देश में ये न होता।
अंहिसा के नाम पर देश में हिंसा न होता
केवल देश में अमन ,चैन ,शांति होता ।
हर जगह केवल भाई -बंधु होता
आज होते गांधी तो देश में ये न होता ।
हो रही भष्टाचारी
लुटते जा रहे है व्यापारी,
बढ़ रही है देश में कालाबाजारी।
देश में धर्म के नाम पर अधर्म न होता
आज होता गांधी तो देश में ये न होता।
अंहिसा के नाम पर देश में हिंसा न होता
केवल देश में अमन ,चैन ,शांति होता ।
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