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आज आवश्यकता इस पर भी ध्यान देने की


कहते हैं कि परिवर्तन ही संसार का नियम है किन्तु जब  वही परिवर्तन वरदान से अभिशाप बन जाएं तब उसकी परिभाषा बदल दी जाती है.

आज जहाँ एक ओर पूरा विश्व कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहा है वही दूसरी ओर कुछ जगह पर   आपदा ने मानव का जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण बिहार और   असम की बाढ़ है जिसने  लाखों लोगों  केे सिर में दर्द कर दिया है जिससे लोगों  का जीवन संकट मे पड़ गया है.

लेकिन कुछ आपदा के लिए हम  स्वयं ही जिम्मेदार है  जिसमें पेड़ की कटाई, अवैध खनन, जैसी गतिविधियां शामिल हैं.

आज आवश्यकता  है कि एक बार   पर्यावरण को बचाने के लिए नए सिरे से उस पर ध्यान देने  की.

 


 

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..