"सादा जीवन उच्च
विचार सिखाते हैं गांधी "
इस बार महात्मा गांधी की 150 वीं जंयती
मनाई जा रही हैं पूरे देश में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है देश में सिंगल यूज पॉलाथीन पर जोर दिया जा रहा है, लोग इसके प्रति जागरूक
हो रहे हैं लेकिन क्या केवल स्वच्छता ही गांधी के विचार में था . गांधी ने सत्य और अंहिसा,का मार्ग अपनाया था . वे छुआछुत का विरोध करते थे मांस और अंडे का सेवन उन्होंने कभी नहीं किया था यहा तक कि जब उनका बेटा बीमार पड़ गया था तो डॉक्टर के कहने पर भी गांधी ने अपने बेटे को मांस और अंडे नहीं दिये उन्होंनें स्वयं अपने बेटे का उपचार किया था । उनका मानना था कि
जो काम शांति से हो सकता हैं उसके लिये हिंसा का मार्ग अपनाना बहुत ही गलत होता है लेकिन आज इसके विपरीत ही चीजे दिखाई देती हैं ।
जो काम शांति से हो सकता हैं उसके लिये हिंसा का मार्ग अपनाना बहुत ही गलत होता है लेकिन आज इसके विपरीत ही चीजे दिखाई देती हैं ।
गांधीजी का पूरा जीवन सादगी के साथ बीता था वे अपने व्यक्तित्व के कारण जाने जाते थे उनका मानना था कि स्वालम्बन ही जीवन का सार हैं ।
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