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जीवन के हर पहलु को छुता गांधी का व्यक्तित्व

"सादा जीवन उच्च विचार  सिखाते   हैं   गांधी   "
 इस बार महात्मा गांधी की 150 वीं  जंयती  मनाई जा रही हैं पूरे देश में स्वच्छता  अभियान चलाया जा रहा है  देश में सिंगल यूज पॉलाथीन  पर जोर दिया जा रहा  है,  लोग इसके प्रति जागरूक हो रहे हैं लेकिन क्या केवल  स्वच्छता  ही गांधी के विचार में था . गांधी ने  सत्य और  अंहिसा,का मार्ग अपनाया था . वे छुआछुत  का विरोध करते थे मांस और अंडे का सेवन उन्होंने कभी नहीं किया था यहा तक कि  जब उनका  बेटा   बीमार  पड़  गया था तो डॉक्टर के कहने पर भी गांधी ने अपने बेटे को मांस और अंडे नहीं दिये  उन्होंनें स्वयं   अपने बेटे  का उपचार    किया था । उनका मानना था कि 
जो काम शांति  से हो सकता हैं उसके लिये हिंसा का मार्ग अपनाना बहुत ही गलत होता है लेकिन आज इसके विपरीत ही चीजे दिखाई देती हैं ।
गांधीजी का पूरा जीवन सादगी के साथ बीता  था वे अपने व्यक्तित्व के कारण जाने जाते थे उनका मानना था कि स्वालम्बन ही जीवन का सार  हैं ।
  

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Today Thought

कौन क्या कहता है हमारे बारे ये सोचने में ही हमारा आधा वक्त निकल जाता है।  आधी से ज्यादा लड़ाई केवल इसलिए होती है कि हमारा नजरिया अपने लिए हमेशा सही दूसरों के लिए गलत होता है। भले फिर क्यों औरों की कहानी में हम भी बुरे हो। 

हम शायद भूल गए

खुद को सुनना‌ हम भूल गए हैं खुद को चुनना हमने दूसरों को ही अपना आईना बना लिया है हम भूल गए हैं अपने आप को चुनना हमने चुन लिया है शब्दों को हमने बंद कर दिया है किसी के मौन को समझना हम भूल गए हैं इंसान को समझना हमने चुन लिया है इंसान के शौर को हम ने चुन लिया है इंसान की बकवास को हम नहीं सुनना चाहते नहीं समझना चाहते किसी की  खामोशी को हमने चुन लिया के आज के ढोंग को हम भूल गए हैं किसी के चेहरे के भाव को पढ़ना। 

life real meaning thought

पैसा सबके पास नहीं हो सकता..पर उसे कमाने का मौका सबको मिलता है.. गलतियां स्वीकार करने का हुनर सबके पास नहीं होता है..जिनके पास होता है..वो जीवन में बेहतर करते है.. लोगों का काम है बाते बनाना ये हम पर निर्भर करता है..हम उसे कैसे लेते है.. दुनिया सबकी नहीं हो सकती..कई बार उसे अपने लिए बनाना पड़ता है..