विश्वविघालय में विशेष अतिथि के रूप में अनिल सद् गोपाल आज का व्याख्यान हुआ ,जिसमें संविधान और इल्म पर विशेष व्याख्यान दिये । संविधान सभा २५ नवम्बर १९४९ को बैठक हुयी इसका ड्डाफ्ट के कमेटी के डॉ भीमराव आम्बेडकर थे। संविधान की उद्देशिका में तीन शब्दों का दोहराव हुआ हैं जिसमें बंधुता,आजादी ,बराबरी ये तीनों ही अलग नहीं हैं ये तीनों एक ही हैं अगर बराबरी रहेगी और आजादी नहीं तो सृजनात्मकता घटा जाऐंगी । अगर बंधुता हो और आजादी नहीं तो आगे नहीं बढ़ा पा सकते हैं । दो विमर्श हुयें जिनमें सबसे पहले जातिविरोधी,दूसरा विमर्श समाजवादी हैं १८४८ में ज्योति बाई फुले ने अपनी साथी फातिमा के साथ लड़कियों के लिये एक स्कूल खोला ,इसमें वे लड़कियां थी जो जाति और पितृसत्ता से पीड़ित थी जिस लिपि में वो पढ़ती थी उस लिपि का नाम मोढी था।
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