१. सत्य ही धर्म हैं।और उसका अनुसरण करना उपासना हैं।
२.जो काम धैर्यता से किये जा सकते है वो अन्य किसी से नहीं।
३सादा जीवन उच्च विचार से ही ऊंचे पद पर पहुंच सकते है क्योकि हल्की चीज ही आसमान में उड़ती हैं।
४. उपासना का अर्थ तन, मन और ध्यान से ईश्वर को पाना। ५.जीवन में बेहतर करने के लिये निरंतर कोशिश करते रहना । ५.अपने काम किसी भी हद पूरा करे फिर चाहे उसके लिये कितने भी अपमान क्यों न सहना पड़े। ६. वो ही कार्य करना जो स्वयं के द्वारा किये जा सके। ६स्वावलंबन ही जीवन का ध्येय होना चाहिये।
२.जो काम धैर्यता से किये जा सकते है वो अन्य किसी से नहीं।
३सादा जीवन उच्च विचार से ही ऊंचे पद पर पहुंच सकते है क्योकि हल्की चीज ही आसमान में उड़ती हैं।
४. उपासना का अर्थ तन, मन और ध्यान से ईश्वर को पाना। ५.जीवन में बेहतर करने के लिये निरंतर कोशिश करते रहना । ५.अपने काम किसी भी हद पूरा करे फिर चाहे उसके लिये कितने भी अपमान क्यों न सहना पड़े। ६. वो ही कार्य करना जो स्वयं के द्वारा किये जा सके। ६स्वावलंबन ही जीवन का ध्येय होना चाहिये।
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