जब भी कोई बात बुरी लगें तो उसे नकरात्मक न ले मेरे आदर्श टीचर आप की समझाई गई हर एक बात मुझें बहुत समझ में आई जिसे मैंने अपने जीवन में उतारा ,आप की कही गई बातों में सबसे महत्वपूर्ण कोई बात थी तो वो थी कभी भी बात बुरी लगे तो उसे नकरात्मक में न लेना,अगर तुम सचमुच खुद को अलग समझते तो कुछ ऐसा काम करो जो तुम्हे दूसरों से बेहतर बनाती हो । मेरे टीचर दूवारा कही गई ये बातो ने मुझें हर समय कुछ करने की चाह दी ़ अगर तुम ऊंचा उठना चाहते तो तुम्हें बहुत कुछ सहना होगा ,हमेशा इस पंक्ति ने मुझे जीवन में हर विपत्ति और बांधा सहने में मेरी मदद की । आज जब में अपने टीचर को याद करती हुँ तो मुझें उनकी िसखाई हुई सीख याद आती है । मेरे जीवन में जितना ऊंचा स्थान मेरे गुरू का है उतना किसी का भी नही ं ।
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