शर्मनाक है महाराष्ट्र के ठाणे जिले से आया मामला



पीरियड्स एक नेचुरल प्रक्रिया जो किसी भी महिला या लड़की के लिए जरूरी होता है..जिसका होना उसके अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक होता है..लेकिन जब यहीं पीरियड्स उसके लिए शर्मिदगी की वजह बन जाए तब सवाल करना जरूरी हो जाता है..आखिर कब तक पीरियड्स हमारे लिए एक टैबू बना रहेगा...
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के स्कूल से एक शर्मसार करने वाली घटना सामने आयी है...जहां पर स्कूल के बाथरूम से मिले कुछ खून की धब्बे ने लड़कियों को न सिर्फ मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी..बल्कि हमारे समाज का वो कुरूप चेहरा भी दिखा दिया है..जिसको अक्सर वो छिपा कर रखता है..
हुआ यू कि महाराष्ट्र के ठाणे जिले के एक स्कूल के बाथरूम में खून के कुछ धब्बे मिले..जिसकी शिकायत स्कूल के कर्मचारियों ने स्कूल के प्रिंसिपल से की..जिसके बाद स्कूल के प्रिंसिपल और महिला कर्मचारियों ने स्कूल की लड़कियों को बुलाकर उनसे पूछा..कि किस किस के पीरियड्स चल रहे है...
जिसके बाद जो हुआ वो शर्मसार करने वाला था..जहां
लड़कियों के कपड़े उतारवाकर उनके पीरियड्स  चल रहे है कि नहीं इसकी जांच की गयी..
जिस घटना ने एक बार फिर समाज का कुरूप चेहरा दिखा दिया है..जो पैडमैन जैसी मूवी पर ताली तो बजाता है..लेकिन दूसरी तरफ पीरियड्स को लेकर आज भी अपनी रूढ़िवादी सोच को दर्शाता है..जिसे अछूता  शिक्षा का मंदिर भी नहीं है..

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