जीने के लिए



जीने के लिए सोचा ही नहीं दर्द संभालने होंगे 
ये महज एक पंक्ति नहीं बल्कि जिंदगी का सच है....जिसे अक्सर हम नजरअंदाज कर देते है..चाहते है जिंदगी से सारी खुशियां पर उसके लिए त्याग करने के बारे में जरा नहीं सोचते है....केवल दोनों हाथों से सब कुछ पा लेना चाहते है..
लेकिन कहते है..हर चीज कीमत चुकानी होती है...फिर चाहे हमारी इच्छा हो या न हो...
जिंदगी का असली मतलब तब समझ आता है...जब इंसान बाहरी और आंतरिक दोनों तरह से लड़ाई लड़ रहा होता है..कई तरह के अंतरविरोधों के बीच वो खुद को बनाने में लगा हुआ होता है...जहां वो जिंदगी का मतलब धीरे धीरे समझ रहा होता है..अनुभव के साथ जिंदगी को अलग तरीके से देखता है...कुछ पाकर कुछ उसके लिए बहुत कुछ खोकर जिंदगी का असली मतलब सीखता है...

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