गलत सही में फर्क न करने वाले तुम
कपड़ों की लंबाई से उसका चरित्र नाप लेने वाले तुम
कब तक हर बार गलती सिर्फ उसकी बताओगे
कब करोगें प्रश्न तुम बेटों से
कब तुम सही सवाल पूछ पाओगें
जहां सोच तुम्हारी खराब
कपड़े उसके ढकोगे
उल्टे सीधे बयान देने वाले राजनेता से कब हिम्मत कर कोई सवाल पूछ पाओगें
कब तुम सही सवाल पूछने की हिम्मत कर पाओगे
दोष केवल हम लड़कियों को मत दो
अपनी सोच बदलो तुम
उन्हें इंसान समझो
कागज की गुड़िया समझ मत
उनकी जिंदगी खराब मत करो तुम।
Comments