किसी ने बिल्कुल सच कहा है इंसान जितना किताबों से नहीं उतना दुनिया से सिखाता है। जहां जब वो दुनिया के बीच निकलता है। तब वो पढ़ी हुई चीजों को भूलकर नया कुछ सीखता है। जो उसकी सीखी सिखाई बातों को कदम कदम पर जैसे चुनौती दे जाती है। जो उसे क ई बार तोड़कर रख देती है। उसका खुद पर विश्वास होने से रोक देती है।
तब वो जिंदगी का वास्तविक अर्थ समझता है।
जहां लोग हर वक़्त कर रहे होते किसी न किसी चीज के लिए संघर्ष जहां उसे हर पल संघर्ष करना होता है।
क ई बार उसे लगता है कि सबकुछ कैसे होगा । इसके बावजूद उसे चलना होता है। जिंदगी जीने के लिए उसे कई बार संघर्ष की आग में जलना होता है।

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