वो धरती का स्वर्ग कहा जाता है। देवोंभूमि के नाम से हर किसी के दिल में रचा बसा है। फिर भी न जानें क्यों वो आज जब जल रहा है। तब हर कोई मौन दिखाई दे रहा है।
वो देव भूमि जिसे आज से नहीं बरसों से पूजा जा रहा है। उसके जंगल क्यों आज जल रहे है? जो अपनी अंतिम सांसे गिन रहे है।
हर साल अप्रैल माह में जलते है जंगल
हर साल अप्रैल माह के लगते ही उत्तराखंड के जंगलों में आग लगने का सिलसिला शुरू हो जाता है। जिसकी संख्या में अब बढ़ोत्तरी सी हो रही है।
अलग अलग बताये जा रहे है इसके कारण
उत्तराखंड के जंगलों में लगने वाली आग को लेकर सबका अपना अपना अनुमान है। कोई इसे तापमान बढ़ने के चलते हुयी घटना बता रहा है। तो कोई इसे उत्तराखंड मौजूद चीड़ के जंगल बता रहे है। जो की ज्वलनशील होते है। इसके अलावा जानवरों के लिए नयी घास के इंतजाम के लिए जंगल में आग लगा दी जाती है। जो आगे चलकर भयानाक रूप ले लेती है। ज्यादात्तर मामलों में आग लगने का कारण लोगों की लापरवाही ही होता है। जिसका खामियाजा न सिर्फ आस पास के लोगों को बल्कि वहां मौजूद वन्य जीव को भी उठाना पड़ता है।
हर साल होती घटना पर फिर भी
ये बात गौर करने वाली है कि जब हर साल इस माह आग लगने की घटना होती है। तो इसको लेकर पहले से कोई तैयारी क्यों नहीं की जाती है। कि अगर ऐसी घटना हो तो उसके लिए पुख्तां इंतजाम पहले से क्यों नहीं होते है । इसका संरक्षण सबकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
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