कोचिंग के पीछे छुपा वो काला सच



हर कोचिंग तुम्हें बताएगी 
उनकी कोचिंग से कितनों का सिलेक्शन हुआ
किन्तु वो ये नहीं बताएगी
उस बीच कितनों के सपने चूर चूर हुए
जो ये तो बताएगी आसान नहीं होगी जंग
पर ये कहने से कतराएगी
कि तुम्हारा जीवन सिर्फ कुछ नंबरों पर ही निर्भर होगा।


कोचिंग जिसका नाम अभी गूगल करें, तो अनगिनत संख्या में हमें कई कोचिंग सेंटर के लोक लुभाने नाम मिल ही जाएंगे । जहां जितना ऊंचा नाम उतना ही मोटी रकम उस के लिए ली जा रही है जिसमें न अमीर न गरीब दोनों इस जाल में फंसते नजर आ रहे है।

जिसने आज शिक्षा को पूंजीकरण के केन्द्र में ला खड़ा कर दिया है। जहां हर चीज की कीमत सिर्फ पैसों से लगायी जा रही है।  

जहां कोचिंग का नाम जितना ज्यादा आकर्षक लगता है। उसके पीछे का सच उतना भयनाक नजर आता है। जिसमें कई सपने दिखाएं जाते है। जो अक्सर इंसान को वास्तविकता से कहीं दूर ले जाते है।

जहां उन्हें सपना तो सरकारी नौकारी का दिखाया जाता है। किन्तु उसके पीछे के सच को अक्सर छिपाया जाता है। जो सिर्फ कुछ नंबरों पर निर्भर होता है। असफल होने पर शुरुआत फिर से करना होता है। 
जिसके पीछे केवल तनाव ही होता है। जहां किसी चीज की कोई गारंटी नहीं होती है।

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