क्या आज हम भूल गए है अपना इतिहास
क्या आज सच में अब शेष नहीं बचा है हम में हमारा विश्वास
आज हमें भले ये न मालूम रहें कि हमारे देश में कौन सी चीजें ज्यादा पॉपुलर है किन्तु हमें ये जरुर मालूम है कि हमारे देश में किन चीजों को बैन करने की बात चल रही है।
इसको लेकर लोग हम अपना विरोध जता रहे है जिसमें कभी वो आरोप बेशर्मी का लगते है। तो कभी उसे लव जिहाद बताते है।
शायद यहीं कारण है कि आज हमारे देश में जितना लोग चंद्रयान को नहीं जानते होगें। उससे कहीं ज्यादा लोग लव जिहाद को समझते है।
ऐसे लोग न जाने तब कहां चले जाते है। जब हमारे समाज के द्वारा किसी निर्दोष को भीड़ अपना शिकार बना लेती है। जहां घर से पढ़ने निकली लड़की की इज्जत सारेआम लूट ली जाती है।
आज हमारे समाज में कुछ भी नया आएं तो उस पर दो चीज सबसे पहले लगती है। जहां या तो उसे अधर्मी बता धर्म नष्ट करने वाला घोषित कर दिया जाता है। यहां फिर लव जिहादी बता उस बैन करने में लोग निकल पड़ते है।
ये उठने वाले हाथ न जाने तब कहां चले जाते है। जब दोषियों को फूल माला पहन उनकी भक्ति की जाती है। जिनको संतों द्वारा क्षमा मिल जाती है।
जिन सब को देखकर सच में लगता है कि करोड़ो की संख्या में आज लोग मौजूद तो है किन्तु उनमें विवेक की सबसे ज्यादा कमी है। जिनको जिस दिशा में मोड़ दिया जाएं उस दिशा में वो भेड़ बकरियों की तरह चलने लगते है।
जो हर उस चीज को प्रतिबंध लगा देना चाहते है जो उनकी आंखों को बुरी लगती है। बिना उसके पीछे का अर्थ और तर्क जानें।
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