चुनाव से पहले



चुनाव एक ऐसा पल जो हमें याद दिलाता है ∣ न इसका न उसका इसमें सिर्फ जनता का ही प्रभाव होता है ∣
चाहे बीतें सालों में कितना भी नजर अंदाज किए गए हो आम लोग किन्तु सबको अपना हिसाब किताब उनको देना ही होता है ∣
जिस जनता को सस्ता समझ अक्सर छिपाने की कोशिश की जाती है ∣ वक्त आने पर जैसे वो सबको आईना दिखाती है ∣
सरकार चाहे जितनी भी मजबूत क्यों न हो उसकी बागडोर जनता के हाथों में ही होती है ∣ जो चाहे तो क्रांति ला सकती है ∣ जो वक्त आने पर सबका हिसाब करती है ∣
उसके एक वोट से किसी को सरकार बनती तो किसी की बिगड़ती है ∣ सामान्य से लगने वाले लोगों के बीच से क्रांति की एक मशाल सी जलती है ∣

चुनाव हमें बताता है सत्ता का नाश किसी को भी नहीं करना चाहिए। जो आज है वो कल भी रहे ये बिल्कुल जरूरी नहीं है । 
चुनाव ही वो वक्त होता है जब सरकार को जनता की याद आती है बाकी बीते साल तो जैसे वो सोती है ∣
'जन 'समझ जिसे अक्सर नजर अंदाज करने की कोशिश की जाती है वक्त आने पर वो‌ ही क्रांति की मिशाल जला देती है ∣

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