दिवाली के त्यौहार की जब हम बात करते हैं ∣ तब हमारे सामने सबसे पहले दिये नजर आते हैं ∣ जो अमावस्या की काली रात को रोशन कर जाते हैं ∣
किन्तु इन सबसे पहले दिवाली के लिए जो तुम काम करते हो। वो है घर की सफाई।
जब तुम घर में लगी धूल को हटाने का काम करते नजर आते हो।
जब तुम घर की सफाई करते हो तब तुम्हें अपने आस पास की चीजें में काफी धूल सनी हुई नजर आती है। कई जगह पर तुम्हें सिर्फ जाले ही जाले नजर आते हैं ∣
जिन्हें जब तुम हटाने की कोशिश करते हो। तब वहां पर तुम एक तरह के प्रकाश को पाते हो।
तब तुम समझ पाते हो कि कोई भी चीज़ जो ज्यादा दिन तक बिना इंसान के सम्पर्क में रहे तो उसमें धूल ही बैठ जाती है ∣
ये तुम निर्भर करता है कि तुम स्वयं अपने दिमाग का कितना उपयोग कर पाते हो। कहीं उसमें भी तो तुम धूल की परतें नहीं जमने देते हो ∣ जो तुम्हें केवल तुम बनाती है ∣ जो तुम्हें ही सबसे बड़ा दिखाती है ∣ जो तुम्हारे अहम को और भी ज्यादा बढ़ती है ∣
जो सबको तुम से छोटा दिखाने की कोशिश में लग जाती है ∣ अगर ऐसा है तो तुम हटाओ अपने चारों तरफ से वो जाले जो तुम्हें एक बेहतर इंसान बनने से रोक देती है ∣
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