कुछ हासिल करने के लिए

 

कुछ हासिल करने के लिए
जब ये इंसान आगे निकलता है
बहुत कुछ वो अपना पीछे छोड़ते चलता है। 
जैसे वो था ही नहीं कभी उसका
किसी से जैसे उसका कोई मतलब ही नहीं बचता है। 
किसे पसंद नहीं
सदा खुश रहना 
किन्तु अपनी खुशी छोड़ 
वो आगे चलता है। 
दर्द जैसी जब कोई चीज 
शेष नहीं बचती है
उसे चैन कहां हासिल हो पाता है। 
ऐसा नहीं है कि सिर्फ मंजिल पाने वालों की ये तलाश जारी है
जिसे मंजिल मिल भी गयी
उनकी भी तलाश जारी है। 



Comments