दुनिया को जानने का सबसे अच्छा तरीका है एक वहां जाकर घूमना तो दूसरा उसके बारे में अध्ययन करना है। जैसे- जैसे हम उसके बारे में पढ़ते हैं ∣ अपने अंधकार को खत्म कर आगे हम बढ़ते हैं ∣
अपने सीमित दायरे से निकल हम आगे की ओर बढ़ते हैं ∣ अपने उन सब प्रश्नों के उत्तर हम जानते हैं जिनकी तलाश हमें कब से थी।
उसके बाद आता है कि हम उसका विश्लेषण तथ्यों के आधार पर करते है ∣ तर्क और तर्क से परे चीजों के फर्क को हम समझते हैं ∣
जिज्ञासा का असली मतलब हम किताबों के बीच ही तो समझते हैं ∣ जब हमें उसके बारे में सबकुछ जानने की इच्छा से पढ़ना जारी रखते हैं ∣

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