कहीं हम खुद तो मूर्ख नहीं बना रहे हैं



एक अप्रैल वो दिन जब हर कोई एक दूसरे को 'मूर्ख' बनाने का काम करता है ∣ इसे अप्रैल फूल के नाम से जाना जाता है ∣
पर क्या हो जब इंसान खुद को ही मूर्ख बनाने में लग जाएं‌ ∣ वो  सबके लिए ईमानदार केवल अपने से ही वो बेमानी करने लग जाएं ∣ इससे न सिर्फ वो स्वयं को बल्कि उन लोगों के लिए भी परेशानी पैदा करता है जो उसे अपना आदर्श‌ मनाते हैं ∣ जो उसकी तरह बनने की इच्छा रखते हैं ∣
इसके कारण अक्सर उसे जीवन में मुश्किल हालातों का सामना करना पड़ता है∣ 
इस सब से बचने के लिए जरूरी होता है कि वो खुद के प्रति ईमानदार रहे ∣

Comments