बिना गीत के जीवन में जब सून



जीवन एक गीत है जिसे हर इंसान अपनी अपनी तरह से गाता है ∣ जब वो खुश होता है तब वो अपने मन में खुशी का राग गाता है ∣ जबकि इसके विपरीत जब वो दुखी होता है ∣ तो अपने मन में करूणा भाव का संचार करता है ∣
वहां जीवन की परिस्थितियों के मुताबिक गीत गाते चला जाता है ∣ जो समय के मुताबिक बदलते रहता है ∣
इसी बीच एक ऐसा गीत भी होता है जो उसे जीवन की निराशाजनक परिस्थितियों से कुछ पल के लिए निकाल देता है ∣ वो उस गीत की मदद से कुछ पल के लिए सबकुछ भूल सा जाता है ∣ 
वो दूसरी ही दुनिया में खो सा जाता है ∣ इसके  बिना इंसान का जीवन बेस्वाद सा हो जाता है जिसमें न कोई रस होता है ∣ न ही कोई सौन्दर्य रूप होता है ∣

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