अंतिम ऊंचाई



जीवन में अक्सर सफलता पाने के चक्कर में हम सबकुछ भूल आगे बढ़ने लगते है। सारी परेशानी को सहा आगे हम निकल जाते है। तब फर्क पड़ना बंद हो जाता है हमें जीवन की अच्छी बुरी परिस्थितियों से एक के बाद एक चुनौती को पार कर हम आगे बढ़ जाते है। 
जीवन का यहीं कड़वा सच है । जैसे- जैसे हम अपने जीवन में सफलता को पाने के लिए आगे बढ़ते जाते है । ऐसे में हम बहुत से लोगों को पीछे छोड़ जाते है। ऐसे में हमें कोई भी दिलचस्पी नहीं रह जाती है कि उनके जीवन में क्या चल रहा है। वो अपने जीवन में क्या कर रहे है।
अपने जीवन के आयाम को पाने के लिए हम आगे बढ़ते जाते है। बहुत कुछ हम पीछे छोड़ जाते है। न कोई इच्छा बचती है किसी के बारे में जानने की भीड़ में भी होकर हम अकेला रहा जाते है।

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