गुड़ की मिठास लिए आ गयी 'मकर संक्रांति'

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मकर संक्रांति को सूर्य का महापर्व कहा जाता है ∣ इस दिन खार मास की समाप्ति होती है ∣ 
इसके साथ ही सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है जिसे मकर संक्रांति कहा जाता है ∣

मकर संक्रांति की बात हो और गुड़ की बात न हो तो रास ही नहीं आता है ∣ यहीं तो वो समय होता है जब हम एक दूसरे को ये बताते फिरते हैं कि गुड़ खाने से सेहत अच्छी होती है ∣ गांव घर में तो आज भी गुड़ खाकर पानी पीने का रिवाज बना हुआ है ∣ हो भी क्यों न गुड़ की बात ही अलग है ∣

इसके बाद बात आती है तिल की जो अपना महत्व रखती है संक्रांति में तिल के लड्डू का सेवन करने से एक अलग तरह की ताजगी मिलती है ∣ हर घर के तिल के लड्डू की बात ही कुछ खास होती है ∣ 
हम में से ज्यादातर को अपने घर के लड्डू कम दूसरे के घर के ज्यादा पसंद आते है ∣
इसी बीच पतंग उड़ाने का शौक भी आज कल लोग में ज्यादा दिखाई देता है ∣ वैसे तो सरस्वती चंद के सीरियल में कुमुद की शानदार एन्टी के बाद से पतंग का स्वाद कुछ अलग ही सा है ∣ लेकिन आज पतंग का चलन भी काफी बढ़ गया है ∣ वो भी क्य़ो न इंसान पतंग ही को तो अपने अनुसार चल पाता है ∣ बाकी सब अक्सर कहां उसके वश में होता है ∣ हालांकि कुछ लोग काबिलिय तारीफ होते हैं ∣ जो अपनी पतंग अपने हाथ में लिए होते हैं ∣ मजाल किसी की वो उनकी पतंग को अपने हाथ में ले ∣
आप सब से एक ही गुजारिश रहेगी ∣  तिल और गुड़ के मिठास सा अपनी वाणी कल तक के लिए बनाने की कोशिश जरूर करिएगा∣ इसके साथ आप सबको मकर संक्रांति की शुभकामनाएं ∣


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