क्या हो जब एक महिला रोग विशेषज्ञ एक महिला न होकर एक पुरुष हो ∣ आमतौर पर जब बात एक स्त्री रोग विशेषज्ञ की आती है ∣ तब हमारे सामने एक महिला डॉक्टर ही दिखाई देती है ∣ इसी पर तंज कसते हुए डॉक्टर जी मूवी बनाई गयी है जिसमें एक स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला नहीं बल्कि पुरुष डॉक्टर है ∣ जो उनकी डिलेवरी से लेकर उनकी सब तरह की परेशानी का इलाज करता है जो कि स्त्री विशेषज्ञ से आशा की जाती है ∣
इसी विचार को अनुभूति कश्यप के निर्देशन में ये डॉक्टर जी मूवी बनी है ∣ जो हमारे समाज में फैले उस टैबू पर बात रखती है ∣ जहां डाॅक्टर से पहले ये जरूरी है कि वो महिला हो या पुरुष ∣
इन्हीं सब चुनौती के इर्दगिर्द घूमती ये मूवी है ∣ जो मूवी के अंत में एक गहरा संदेश देती है कि डॉक्टर केवल डॉक्टर ही होता है ∣ उससे इसे बिल्कुल भी फर्क नहीं पड़ता है कि वो किसी महिला या पुरुष का इलाज कर रहा है ∣ उसके लिए वो केवल उसका एक पेशेंट होता है ∣
अगर हम इसके कारण पर जाएं कि ये मूवी क्यों देखी जानी चाहिए? तो इसका कारण इस मूवी का नाम और थीम है जिस पर आमतौर मूवी नहीं बनती है ∣
वहीं इस मूवी में आयुष्मान खुराना की शानदार एक्टिंग और रकुल प्रीत और शैफाली शाह का नया रूप देखने के लिए ये मूवी देखी जानी चाहिए ∣

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