एक तवायफ के इस दर्द को प्रकट करते हुए ये मूवी अपनी कहानी कहती है जो हमारी सोच से बिल्कुल उल्ट होती है ∣ इस मूवी की कहानी में हम एक तवायफ से औरत बनी लड़की की बदनसीबी की झलक देखते हैं ∣
किस्मत की मारी सुल्ताना बेगम को उसका मालिक पुलिस से बचने के लिए उसे एक शरीफ दाऊद के घर पर भेज देता है ∣ जो कि पेशे से एक लेखक हैं ∣ पूरी मूवी एक तवायफ के एक शरीफ के घर पा आ जाने के बाद बिगड़ती परिस्थितियों और गलतफहमियों के पुलादो़ के बीच अपनी कहानी सुंदर अंदाज में हम से कहती है ∣ इस मूवी को देखते हुए एक समय के लिए हम भी सोच में पड़ जाते हैं किस का साथ दे किस का न दे ?
जब इस मूवी को देख हम एक अलग नजरिया पाते हैं ∣ जो कि तवायफों की जिंदगी पर बनी अपने समय की बेहतरीन मूवी पाकीजा, उमराव जान, मंडी मूवी से एक अलग कहानी पेश करती है ∣


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